Uttarakhand Weather : आठ सालों में सबसे सर्द नवंबर, बारिश और बर्फबारी के आसार – हल्द्वानी का पारा 3.9 डिग्री

हल्द्वानी : हाल ही में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सिस्टम सक्रिय होने के कारण मौसम में परिवर्तन दृष्टिगोचर हो रहा है।गौरतलब है कि राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार आने वाले दो-तीन दिन का तापमान सामान्य नहीं रहने वाला है।इसके सामान्य से नीचे जाने की बहुत अधिक संभावना है।यह सब उत्तराखंड में वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहुंचने की वजह से है।ध्यातव्य है कि इसके मजबूत होने की स्थिति में प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के हालात निर्मित हो सकते हैं।

मौसम विज्ञानी डा.आरके सिंह के कहे अनुसार मौजूदा समय में हवा का रुख दक्षिण व दक्षिण पश्चिम से बदलकर उत्तर व उत्तर पश्चिम हो गया है।जिसकी वजह से हवा अपने साथ ठंड लेकर आ रही है।

समूचे कुमाऊं में इस समय जबरदस्त ठंड पड़ रही है। आपको विदित हो कि सोमवार प्रातः से ही कुमाऊं क्षेत्र में तराई भाबर से लेकर विभिन्न पर्वतीय जिलों में ज्यादातर स्थानों पर बादलों का पहरा बना हुआ है।इन सभी परिवर्तनों के कारण मौसम के तापमान में आई गिरावट की वजह से ठंड एकाएक बढ़ गई है।

विभिन्न स्थानों पर न्यूनतम तापमान का विवरण –

*नैनीताल में – 6.0 डिग्री
*हल्द्वानी में – 3.9 डिग्री
*पिथौरागढ़ में – 3.3 डिग्री
*चंपावत में – 2.0 डिग्री
*अल्मोड़ा में – 1.6 डिग्री
*मुक्तेश्वर में – 1.7 डिग्री

ज्ञातव्य हो कि इसका सबसे ज्यादा असर पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में में दिखने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।इसके प्रभावस्वरूप दोनों जिलों के ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों पर 23 नवंबर से 25 नवंबर तक हल्की वर्षा या हिमपात/बर्फबारी होने के प्रबल आसार है। नैनीताल में बादलों के छाने से मौसम परिवर्तित हो गया है।

आपको विदित हो कि हल्द्वानी एवं मुक्तेश्वर ने न्यूनतम तापमान के मामले में आठ साल का रिकॉर्ड को पार कर दिया है।रविवार को हल्द्वानी का न्यूनतम पारा 3.9 डिग्री व मुक्तेश्वर का 1.7 डिग्री पहुंच गया। इसके अलावा प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 के उपरांत इस बार नवंबर के महीने में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है।ऐसा मौसम विभाग के आंकड़े दर्शा रहे हैं।