उत्तराखंड: नैनीताल बना सबसे प्रदूषित पहाड़ी स्थल, पढ़ें चौंकाने वाले आंकड़े

गौरतलब है कि सरोवर नगरी नैनीताल और इसके आसपास के क्षेत्र वर्तमान में पूरे गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। जंगलों में आगलगी की घटनाओं से जहां एक ओर हवा खराब हो चली है वहीं माहौल भी चिंताजनक बना हुआ है।

हाल ही में वेबसाइट एक्यूवेदर ने प्रदुषण संबंधित आंकड़े जारी किए हैं और इसके बारे में सबसे भयावह बात यह है कि इन आंकड़ों में नैनीताल को पहला स्थान दिया गया है।

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वेबसाइट एक्यूवेदर पूरे देश में मुख्य शहरों के प्रदूषण की ऑनलाइन मॉनीटरिंग करता है। इसी कड़ी में मंगलवार को मापे गए आंकड़े नैनीताल के लिहाज से भयावह हैं। नगर में वायू प्रदूषण का स्तर 154 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पहुंच गया। जो कि देश के पर्वतीय स्थानों में सबसे ज़्यादा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के लिहाज से अगर प्रदूषण का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से पार होता है तो सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

चूंकि जंगलों की आग से उठता धुआं हवा के साथ इधर उधर और आसमान में फैल रहा है। इस कारण पर्यावरण पर खराब असर पड़ रहा है। एक्यूवेदर वेबसाइट के मुताबिक सोमवार को हल्द्वानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स 136 और नैनीताल में 124 था। लेकिन मंगलवार को एकाएक आंकड़े और डरावने हो गए। नैनीताल में प्रदूषण का स्तर 154 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच गया हालांकि हल्द्वानी के स्तर में गिरावट हुई।